यार आना तेरा है खुशी की वजह
गाँव सूना हैं सूना नगर हो गया।
यूँ लगे दर-ब -दर हर बशर हो गया।।
ग़म से छलनी मेरा दिल जिगर हो गया।
उस कि आहों का लागे असर हो गया।।
रंग लाती नहीं अब दु'आएँ मेरी।
आब ए जमजम लगे हैं जहर हो गया।।
यार आना तेरा है खुशी की वजह।
पूछ मत क्या इधर का उधर गया।।
रंग बदले ज़माने के है इस तरह।
सब पे गिरगिट का जैसे असर हो गया।।
ख़ार राहों मे मंजिल कि थे हर क़दम।
ज़ख्म पाँवों के बोले सफ़र हो गया।।
उस से मिलना है मुश्किल बहुत आजकल।
अब तो अख़बार की वो खबर हो गया।।
Gopal Gupta" Gopal "
अदिति झा
15-Apr-2023 07:09 AM
Nice 👍🏼
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